Sunday, 26 July 2015

38/137-

कारगिल विजय दिवस दे मौके पर


लौ कुर्बानियां दी दहकदी रहे
खुशबु यादां दी महकदी रहे

चुकाणे हन असां जो मते सारे
याद कर्जां दी दिलें ठहकदी रहे

खीरी साह तिकर लड़े सैह ताकि
बाग वसण कोयल चहकदी रहे

सच्ची श्रद्धाजंली हो शहीदां जो
जे वगिया तिन्हा दी महकदी रहे



0 Comments:

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home